Home Lifestyle रिश्तों में किये वादों को लेकर क्यों पैदा होती हैं उलझनें?

रिश्तों में किये वादों को लेकर क्यों पैदा होती हैं उलझनें?

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जब पहली बार रिश्ते बनते हैं, तो उस वक़्त आशाएं, अभिलाषाएं और ख्वाहिशें हिलोरें मारने लगती हैं। वहीं एक अनजाना डर भी लगा रहता है। इस बात पर ज्यादातर लोग सहमत होंगे कि दोस्त के रिलेशनशिप में आने के बाद आपके और उनके रिश्ते में काफी बदलाव आ जाते हैं। इसके पीछे का कारण प्रायॉटी का होता है। दरअसल परेशानी दोस्त के रिलेशनशिप में आने को लेकर नहीं होती है। बल्कि दिक्कत होती है कि उनकी कुछ बातें आपको काफी इरिटेट करती है, लेकिन आप उन्हें बता तक नहीं पाते हैं। इसी बीच आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर वो कौन सी बातें हैं, जो दोस्त के न होने पर आपको परेशान करती हैं। मिलना-जुलना कम रिलेशनशिप में आने के बाद लोगों के लिए दोस्ती से ज्यादा प्यार जरूरी हो जाता है। ऐसे में उनका सारा ध्यान अपने पार्टनर पर चला जाता है और दोस्तों को अटेंशन नहीं दे पाते हैं। इस कारण दोस्तों के बीच मिलना जुलना और बातचीत कम होने लगती है। दोस्त का यह बदलाव इंसान को इरिटेट करने लगता है।

पार्टनर को शामिल करना ऐसे भी कई लोग होते हैं जो रिश्ते में आने के बाद दोस्तों के साथ बनाए जाने वाले हर प्लान में अपने पार्टनर को शामिल करते हैं। ऐसे में दोस्त अनकंफर्टेबल फील करने लगते हैं। दोस्त की यह बात काफी खलती है कि अब वे अपने दोस्त के साथ समय भी नहीं बिता सकते हैं। पार्टनर की ही बात करना हर बात में अपने पार्टनर की ही बात करना। दोस्त की यह बात काफी इरिटेट कर सकती है। ऐसा अगर ज्यादा हो तो दोस्त आपसे मिलना जुलना भी कम कर सकता है।

आपको बतादें कि किसी भी रिश्ते को कायम रखने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है वो है भरोसा। सबसे पहले किसी भी रिलेशन में भरोसा करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर कोई आपके भरोसे को तोड़ता है, तो निश्चित रूप से वो रिश्ता ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला। ऐसे में बेहतर होगा कि उससे दूरी ही बना ली जाय। जो भरोसे के लायक नहीं उस पर विश्वास करने से कोई फायदा नहीं। वैसे भी किसी पर उम्मीद से ज्यादा भरोसा जताना बेवकूफी ही है। तो लाइफ में हमेशा पाॅजिटिव सोच के साथ अपने इरादों को मजबूत रखें, हरेक रिश्ता आपके मनमाफिक होगा।

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