आगरा। फुटवियर बाजार में भारत वर्ल्ड लीडर बनने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है और इस मार्ग में फुटवियर कंपोनेंट सेक्टर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बात सीएलई के रीजनल चेयरमैन और एफमेक अध्यक्ष, पूरन डावर ने बुधवार को आगरा के होटल मधु रिसोर्ट्स में आयोजित ‘शू टेक आगरा’ के 58वें संस्करण के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में कही उन्होंने कहा कि भारतीय फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए, हमें न केवल उत्पाद की गुणवत्ता बल्कि तकनीकी नवाचार और डिजाइन के क्षेत्र में भी लगातार सुधार की आवश्यकता है।
पूरन डावर ने यह भी कहा कि हमें अपनी बास्केट को बढ़ाने की जरूरत है, ताकि हम विभिन्न प्रकार के फुटवियर और फुटवियर कंपोनेंट्स की आपूर्ति कर सकें, जिससे हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और अधिक मजबूती आए। उन्होंने भारतीय फुटवियर उद्योग के निर्यात को बढ़ाने पर भी जोर दिया और यह भी बताया कि इस सेक्टर की वृद्धि में योगदान देने वाले कंपोनेंट्स का महत्व और बढ़ रहा है। भारतीय उद्योग को विदेशी बाजारों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए, हमें नए उत्पादों और तकनीकी समाधानों को अपनाने के साथ-साथ उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि करनी होगी।
इससे पूर्व ‘शू टेक आगरा’ एग्जिविशन का फीता काटकर उद्घाटन मुख्य अतिथि एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर एवं अति विशिष्ट अतिथि फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (एफडीडीआई) नोएडा के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा (आईआरएस), विसिष्ट अतिथि एफडीडीआइ के सेक्रेटरी कर्नल पंकज सिन्हा, एफमेक उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता, राजेश सहगल, महासचिव राजीव वासन, सीफी (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष धर्मेंद्र नरुला, आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा, आस्मा के अध्यक्ष ओपिंदर सिंह लवली एवं इफ्कोमा के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।
इफ्कोमा के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एग्जीबिशन के आयोजन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। अंत में धन्यवाद ज्ञापन इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा ने किया। कार्यक्रम का संचालन अतुल कोहली ने किया।
एग्जिविशन के पहले दिन आकड़े जो आए सामने
- कुल एग्जीबिटर -60
- कुल विजिटर्स – 2622
- ट्रेड विजिटर्स – 1140
इंडियन फुटवियर साइजिंग सिस्टम पर हुआ सेमिनार
एग्जीबिशन में इंडियन फुटवियर साइजिंग सिस्टम पर सेंट्रल लैदर रिसर्च इंस्टिट्यूट (CLRI) के एक्सपर्ट्स की ओर से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें नवीन साइजिंग सिस्टम पर सीएलआरआई के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. माथीवनन एस., चीफ साइंटिस्ट डॉ. मोहन आर. और सीनियर साइंटिस्ट डॉ. डी. सुरेश कुमार ने प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। इस सेमिनार का उद्देश्य जूता उद्योग में साइजिंग के महत्व को समझाना और इसे मानकीकरण की दिशा में सुधार लाने के उपायों पर चर्चा करना है। सेमिनार के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) रायबरेली के निदेशक नंदन सिंह बोरा भारतीय फुटवियर बाजार के फैशन ट्रेंड्स पर प्रस्तुति दी।
कचरे को प्रभावी तरीके से कर रहे हैं रीसायकल
ग्रीन वर्म्स के सह-संस्थापक अक्षय गुंटेती और वेस्ट एंड मैटेरियल सर्कुलरिटी के कार्यकारी जेकसी सी जॉय ने कहा कि “हम कचरे को प्रभावी तरीके से रीसायकल करते हुए युवाओं के लिए नौकरियां सृजित कर रहे हैं। अब तक 6,200 लोग हमारे इस मिशन से जुड़ चुके हैं। हमने फुटवियर कचरे पर केंद्रित एक सॉर्टिंग सिस्टम विकसित किया है, जो ईवीए, पीवीसी, रबर और लेदर जैसे सामग्रियों को अलग करता है, ताकि अधिक प्रभावी तरीके से रीसायकल करके उन्हें पुनः इस्तेमाल किया जा सके। एलडीपीई, एलएलडीपीई और पीपी जैसे पॉलिमर को रीसायकल करने के हमारे अनुभव ने फुटवियर उद्योग को प्रभावी समाधान प्रदान किया है।
साल 2025 में भारत में जूते का खुदरा व्यापार 1.3 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक की ग्रोथ हासिल कर सकता है। इस वर्ष फैशन फुटवियर ट्रेड में हम 50 बिलियन यूएस डॉलर की इकॉनमी बनने के तरफ आगे बढ़ रहे हैं। फुटवियर कंपोनेंट सेक्टर इस लक्ष्य तक ले जाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है ।
– संजय गुप्ता, अध्यक्ष, इफ्कोमा
शू टेक आगरा में कुल 60 एग्जीबिटर्स ने प्रतिभाग किया है, जो देश के लगभग 12 विभिन्न प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पहले दिन कुल 2622 विजिटर्स आये हैं जिनमें से लगभग 1140 ट्रेड विजिटर्स हैं जिन्होंने प्रदर्शनी में आकर इसका लाभ लिया है।
-दीपक मनचंदा, महासचिव, इफ्कोमा
मेक इन इंडिया प्रोडक्ट्स को मिले तवज्जो
इस दौरान, एक्सीबिशन में भाग ले रहे एडहेसिव निर्माता कंपनी स्टक ऑन के निदेशक शैलेश पाठक ने कहा कि सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन इसके विपरीत आगरा में बने एडहेसिव को स्थानीय निर्यातक भी अपने उत्पादों में इस्तेमाल करने से कतराते हैं। आगरा के उत्पाद को लोकल मानकर उसे तवज्जो नहीं दी जाती, जबकि एडहेसिव की गुणवत्ता इम्पोर्टेड उत्पादों से किसी भी तरह से कम नहीं है। साउथ इंडिया के बड़े जूता निर्यातक गुणवत्ता की कसौटी पर खरा पाकर अब लगातार हमारे एडहेसिव का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज़रूरत इस बात की है कि हम अपने यहां बने उत्पाद को एक बार परखें ताकि उसकी गुणवत्ता पहचान सकें नहीं तो ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ का नारा सिर्फ परिकल्पना बनकर रह जाएगा।
इनको किया गया सम्मानित
‘शू टेक आगरा’ के उद्घाटन कार्यक्रम के मौके पर फुटवियर और कम्पोनेंट्स इंडस्टी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका के लिए कुछ उद्यमियों को अवार्ड प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
- लाइफटाइम अचीवमेंट (कंपोनेंट्स) – अनिल कुमार मित्तल, चेयरमैन, एके प्लास्टिक्स
- लाइफटाइम अचीवमेंट (फुटवियर) – कुलबीर सिंह, चेयरमैन, रोजर इंडस्ट्रीज
- आइकन ऑफ द ईयर – असलम, एमडी, ली फॉक्स
- महिला उद्यमी अवार्ड – अंकिता ठाकुर अरोड़ा, एमडी, एटीआई इम्पेक्स
- पायनियर अवार्ड – चंद्र मोहन सचदेवा, एमडी, अलर्ट इंडिया
इस मौके पर मुख्य रूप से रहे मौजूद
एफडीडीआई नोएडा एवं रोहतक की कार्यकारी निदेशक मंजू मान और सरिता दुहान, एमएसएमई डीआई आगरा के सीडीओ सुशील यादव, एनएसआईसी के शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, इफ्कोमा के कार्यकारी निदेशक एसके वर्मा, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, सीएलई के सहायक निदेशक आरके शुक्ला, सीसीएलए के अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, सौरभ मगन, सौरभ जैन, सनी बाधवा, सत्यमूर्ति, सुधीर रुस्तगी, विपिन सेठ, अंशुल जैन और सनी जयचंदानी आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।